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देश का दूसरा सबसे बड़ा रेल हादसा, उड़ीसा के बालासोर में 3 ट्रेनें आपस में टकराई

ओडिशा के बालासोर में बीती रात हुए रेल हादसे में मरनेवालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। अब तक 280 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं यह आंकड़ा 350 के करीब पहुंच सकता है। कुछ लोग इसे अब तक का सबसे बड़ा रेल हादसा बता रहे हैं। वहीं कुछ इसे मोदी सरकार से भी जोड़कर देख रहे हैं। जिनका कहना है कि ट्रेनों और पटरियों के रख-रखाव की स्थिति खराब हुई है। जिसके कारण यह हादसा हुआ। ऐसे में मोदी सरकार के कार्यकाल में कितने रेल हादसे, जिसमें किसी की मौत हुई है।

16 महीने बाद ऐसा हादसा

भारतीय रेलवे में 16 महीने बाद ऐसा हुआ है, जब हादसे में किसी ने जान गंवाई हो। इससे पहले 14 जनवरी 2022 को पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी में दोमोहानी के पास हादसा हुआ था। इसमें 9 लोगों की मौत हो गई थी। राजस्थान के बीकानेर से असम के गुवाहाटी जा रही बीकानेर-गुवाहाटी एक्सप्रेस की 12 बोगियां पटरी से उतर गई थीं। यह हादसा भी 34 महीने बाद हुआ था।

इससे पहले 22 मार्च 2019 को रेल हादसे में मौत हुई थी. 12 फरवरी 2021 को तत्कालीन रेल मंत्री पीयूष गोयल ने राज्यसभा में इसकी जानकारी दी थी. उन्होंने बताया था कि 22 मार्च 2019 के बाद कोई ऐसा रेल हादसा नहीं हुआ, जिसमें किसी की मौत हुई हो

ट्रेनों के आपस में टकराने का ये चौथा हादसा…

27 जनवरी, 1982: आगरा के पास घने कोहरे में एक मालगाड़ी और एक एक्सप्रेस पैसेंजर ट्रेन की आमने-सामने टक्कर हो गई थी, जिसमें 50 लोगों की मौत हो गई थी.

14 मई, 1995: मद्रास-कन्याकुमारी एक्सप्रेस सलेम के पास एक मालगाड़ी से टकरा गई थी, जिसमें 52 लोगों की मौत हो गई थी.

14 दिसंबर, 2004: जम्मू तवी एक्सप्रेस और जालंधर-अमृतसर पैसेंजर ट्रेन आपस में टकरा गई थीं. ये हादसा होशियारपुर, पंजाब के पास हुआ था. हादसे में 39 यात्रियों की मौत हो गई थी.

2 जून 2023: ओडिशा के बालासोर में कोरोमंडल एक्सप्रेस सामने से आ रही मालगाड़ी से टकरा गई. हादसे में अब तक 50 लोगों की मौत हो गई है. 350 से ज्यादा लोग घायल हो गए।

मोदी सरकार में हुए बड़े रेल हादसों पर नजर

कोलकाता फ्लाईओवर (पश्चिम बंगाल, 2016)

31 मार्च 2016 को, कोलकाता में निर्माणाधीन विवेकानंद फ्लाईओवर गिर गया जिसमें 27 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी और लगभग 80 घायल हो गए. कंस्‍ट्रक्‍शन फर्म, IVRCL के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया था.

मुंबई-गोवा राजमार्ग पुल (महाराष्ट्र, 2016)

2 अगस्त 2016 की देर रात मुंबई-गोवा राजमार्ग पर सावित्री नदी पर ब्रिटिश काल के एक पुल के गिरने से लगभग 41 लोगों की मौत हो गई. तकरीबन एक दर्जन वाहन नदी में गिर गए जिसमें कई लोग घायल हुए थे.

मुंबई फुट ओवर ब्रिज, (महाराष्ट्र, 2017)

एलफिंस्टन रोड रेलवे स्टेशन पर एक फुट ओवर ब्रिज 29 सितंबर, 2017 को दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें 29 यात्रियों की मौत हो गई थी

माजेरहाट ब्रिज, कोलकाता (पश्चिम बंगाल, 2018)

कोलकाता में 04 सितंबर, 2018 को एक बड़ा पुल ढह गया. माजेरहाट ब्रिज, दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम कोलकाता के बीच मुख्य कनेक्टर्स में से एक था. शाम के ट्रैफिक के भार के चलते पूरा पुल नीचे गिर गया, जिससे 3 लोगों की मौत हो गई और कम से कम 20 लोग घायल हो गए

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