राजनीति

डौंडिया खेड़ा: खजाने की तलाश में दूसरे दिन भी खुदाई जारी

लखनऊ। उन्नाव के डौंडिया खेड़ा गांव में राजा राव राम बक्श सिंह के खंडहर हो चुके किले में एक हजार टन सोने की खोज के लिए आज भी खुदाई जारी है। पुरातत्व विभाग की 12 सदस्यीय टीम खुदाई का काम कर रही है, टीम का नेतृत्व उपनिदेशक पी के मिश्रा कर रहे हैं। खुदाई के आज दूसरे दिन भी क्षेत्र में भारी भीड़ उमड़ी। बड़ी संख्या में तैनात पुलिस व पीएसी के जवान इनको नियंत्रित करने में लगे हैं जबकि जिले में निषेधाज्ञा लागू है। पीके मिश्रा ने कहा कि खुदाई का काम दस्तावेजी आधार पर किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि खंडहर पड़े किले की जमीन के परीक्षण में वहां पुराने जमाने के बर्तन और अन्य वस्तुओं के अवशेष मिलने के बाद पुरातत्व विभाग ने यहां खुदाई का फैसला किया है। उन्होंने बताया कि दरअसल भारतीय भू सर्वेक्षण ने उस क्षेत्र का सर्वे करके तैयार की गई अपनी रिपोर्ट में जमीन के नीचे सोना अथवा चांदी या फिर अन्य धातुओं के होने की संभावना जताई है।

हमने उस रिपोर्ट के आधार पर खुदाई का कार्य शुरू किया है और परिणाम तो खुदाई का काम पूरा हो जाने के बाद ही सामने आएगा। किले में हजार टन सोना दबे होने की भविष्यवाणी के बाद से ही सैकडों वर्ष से खंडहर पड़ा राजा राव राम बक्श सिंह का किला लोगों के आकर्षण का केन्द्र बन गया और वहां जिज्ञासुओं का मेला लगा हुआ है। जिसको देखते हुए सुरक्षा के सख्त इंतजाम किए गए हैं और खुदाई वाले स्थान तक लोगों को पहुंचने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग कर दी गई है। भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने क्षेत्र में धारा 144 लगा दी है।

इलाके में तीन किलोमीटर तक बैरिकेडिंग है और पीएसी फोर्स तैनात कर सुरक्षा और बढ़ा दी गई है। खुदाई स्थल के आसपास दो और बैरिकेडिंग लगा दी गई है। किले से तीन किमी तक बैरिकेडिंग की गई है। मीडिया को भी खुदाई स्थल से 200 मीटर दूर रखा गया है। फिर भी खजाने को देखने के लिए लोगों के यहां जुटने का सिलसिला जारी है। किले में खजाने की तलाश में खुदाई से जुड़े हर कार्य को एएसआई की टीम ही अंजाम दे रही है और जिला प्रशासन मात्र सहयोगी की भूमिका में है।

गौरतलब है कि डौडिया खेडा स्टेट के शासक राजा राव राम बक्श सिंह ने 1857 में आजादी के प्रथम युद्ध में अंग्रेजो से लोहा लिया था और बाद में उन्हें एक पेड़ से लटकाकर फांसी दे दी गयी थी। लगभग 72 एकड़ में फैला उनका किला फिलहाल खंडहर में तब्दील हो चुका है।

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