बड़हिया शिक्षा समाचार सामाजिक

बाल विवाह एक सामाजिक कुरीति व दण्डनीय अपराध

  • महिला कालेज बड़हिया में बाल बिबाह व लिंगभेद पर संगोष्ठी का आयोजन

बड़हिया: मंगलवार को महिला कालेज बड़हिया में बाल बिबाह एवं लिंगभेद पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया।इस संगोष्ठी कार्यक्रम की अध्यक्षता कालेज के प्रभारी प्राचार्य डा विभा कुमारी तथा मंच संचालन हिन्दी विभाग के विभागध्यक्ष नर्मदेश्वर प्र सिंह ने किया।संगोष्ठी में जिले के ख्यातिप्राप्त महिला अधिवक्ता बबीता कुमारी,बड़हिया रेफरल अस्पताल के आशा कार्यकर्ता प्रबंधक श्वेता कुमारी तथा डा प्रभात रंजन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।कार्यक्रम के शुरूआत में कालेज के दिवंगत पूर्व प्राचार्य डा मुरलीधर सिंह के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर तथा दो मिनट का मौन धारण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गयी।तत्पश्चात कालेज के प्राचार्य डा विभा कुमारी,मुख्य अतिथि अधिवक्ता बबीता कुमारी,आशा मैनेजर श्वेता कुमारी,महिला कालेज के एनएसएस प्रभारी प्रो भवानी कुमारी,प्रो मंजू कुमारी,प्रो सुनीता कुमारी एवं प्रो बेबी कुमारी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कार्यक्रम का शुभारंभ किया।कालेज की छात्राओं ने इसे फूल की माला न समझो,हम प्यार पिरोकर लाए हैं नामक स्वागत गीत प्रस्तुत कर  आगंतुक अतिथियों का स्वागत किया।बाल बिबाह एक सामाजिक बुराई तथा इसके दुष्परिणाम विषय पर  आहूत इस संगोष्ठी में आगंतुक अतिथि अधिवक्ता बबीता कुमारी,आशा मैनेजर श्वेता कुमारी,डा प्रभात  रंजन,महाविद्यालय के प्राध्यापक डा इन्दु भारद्वाज,प्रो रामानन्द प्र सिंह,रामप्रवेश कुमार,प्रो प्रमोद प्र  सिंह,डा सच्चिदानन्द शर्मा,छात्रा सृष्टि कुमारी सहित अनेक लोगों ने अपने विचार प्रकट किये।समारोह को  संबोधित करते मुख्य अतिथि अधिवक्ता बबीता कुमारी ने कहा कि बाल बिबाह एक सामाजिक कुरीति है।  बाल बिबाह एक दंडनीय अपराध है।बालविवाह बच्चियों का बचपन छीन लेता है तथा समय से पहले ही   उन्हे बुढ़ापे की ओर धकेल देता है। सर्वप्रथम 1872 में ब्रहम समाज के संस्थापक राजाराम मोहन राय ने  बाल विवाह और सती प्रथा के खिलाफ जोरदार आवाज उठाई।तत्पश्चात बाल विवाह को एक दंडनीय  अपराध करार देते हुए इसपर प्रतिबंध लगा दिया गया।इसके बाबजूद ग्रामीण क्षेत्रों में अशिक्षा के कारण अभी भी बाल बिवाह की शिकायतें आये दिन सुनने को मिलती है।इसके लिए और पहल करने की आवश्यकता है।चैक चैराहे तथा गांव गांव में नुक्कड़ सभा तथा एकांकी के माध्यम से लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता है।संगोष्ठी में जहां छात्रा शिवांगी ने अपने बाल बिवाह पर रोक लगानेवाले एक संगीत पर सोलो नृत्य प्रस्तुत कर खूब बाहबाहियां बटोरी।वहीं दूसरी ओर कालेज की छात्रा शिवांगी,शालिनी,गुड्डी,नमिता,अमृता,कोमल और सत्या ने एक लघु एकांकी के माध्यम से बाल बिबाह के दुष्परिणामों से अवगत कराया।बाल बिवाह तथा लिंग भेद पर आयोजित वाद विवाद प्रतियोगिता तथा क्विज प्रतियोगिता में छात्राओं ने बढ़चढकर हिस्सा लिया।अध्यक्षीय भाषण करते हुए कालेज की प्राचार्य डा विभा कुमारी ने बाल बिवाह के दुष्परिणामों पर विस्तार से प्रकाश डाला।संगोष्ठी के सफल आयोजन में छात्रा सृष्टि,समता एवं काजल ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।अंत में प्रो मंजू कुमारी के धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।इस मौके पर प्रो अमरनाथ सिंह,पुष्पा कुमारी,पंकज कुमार,शैलेन्द्र कुमार,प्रो शिवजी प्र सिंह,प्रो गोरेलाल सिंह,प्रो जयनन्दन प्र सिंह,प्रो प्रभा कुमारी,पवन कुमार,जीतेन्द्र कुमार आदि अनेक प्रमुख लोग उपस्थित थे।

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फोटो 03ःमहिला कालेज बड़हिया में बाल बिबाह पर एकांकी प्रस्तुत करती छात्राएं

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फोटो 04ःसंगोष्ठी को संबोधित करते मुख्य अतिथि श्वेता कुमारी व मंचासीन लोग

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फोटो 05ःसंगोष्ठी में उपस्थित छात्राएं

About the author

AJIT KUMAR

अजित कुमार: आप पेशे से पत्रकार है। आप इलेक्ट्रोनिक और प्रिंट मीडिया में बड़हिया प्रखंड के लिए सेवा दे रहे है। बड़हिया में विकास को लेकर आप हर संभव प्रयास कर रहे है। बड़हिया के लिए अपना पूरा समय और सहयोग देते है। हर तरह से लोगों का उत्साह वर्धन भी करते है।

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