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पंचायती राज के पुरोधा मुखियाजी के निधन पर शोक

बड़हिया: अखिल भारतीय पंचायत परिषद के राष्ट्रिय उपाध्यक्ष सह संस्थापक सदस्य राजेन्द्र प्रसाद शर्मा के निधन से बड़हिया प्रखंड में शोक व्याप्त हो गया है।स्व शर्मा उर्फ मुखियाजी का निधन सोमवार की देर शाम लखीसराय स्थित आवास पर हो गया।वे 96 वर्ष के थे।बड़हिया प्रखंड के टालक्षेत्र के टालशर्मा ग्राम निवासी किसान गया प्रसाद शर्मा के घर 1920 में उनका जन्म हुआ था।अपनी पढ़ाई पूरी कर उन्होने कांग्रेस पार्टी में शामिल होकर सक्रिय राजनीति प्रारंभ की।गांधीजी के सपनों वाला पंचायती राज की ओर विशेष झुकाव के कारण वे कई दशक तक मुखिया के पद पर विराजमान रहे।इसलिए क्षेत्रवासी उन्हें मुखियाजी के नाम पुकारते थे।बिहार राज्य पंचायत परिषद के संस्थापक सदस्य सह महामंत्री के रूप में भी उन्होने लम्बे समय तक कार्य किया।राष्ट्रिय स्तर पर अखिल भारतीय पंचायत का गठन तथा त्रिस्तरीय पंचायती राज के संस्थापक अध्यक्ष बलबंतराय मेहता के साथ मिलकर उन्होने अखिल भारतीय पंचायत राज परिषद का प्रथम राष्ट्रिय सम्मेलन 12 अप्रैल 1958 को बिहार के देवघर में आहूत किया।जिसकी अध्यक्षता एमपी बलबंत राय तथा उद्घाटन भारत सरकार के तत्कालीन योजना एवं श्रम मंत्री गुलजारीलाल नन्दा ने की थी।परिषद द्वारा आहूत अन्य राष्ट्रिय सम्मेलन का उद्घाटन पंडित जवाहर लाल नेहरू,मोरारजी देसाई,राष्टपति वी वी गिरि,इन्दिरा गांधी,राजीव गांधी तथा शंकरदयाल शर्मा सरीखे देश के कद्दावर लोगों ने किया।राजेन्द्र प्रसाद शर्मा के विशेष प्रयास से 1986 में प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक दर्जा प्रदान करने की घोषणा की।स्व शर्मा ताउम्र पंचायती राज के लिए कार्य करते रहे।उन्होने एक लेखक के रूप में भी हे कृष्ण,भारत दर्शन यात्रा,पंचायत समिति दर्पण,पंचायती राज परिपत्र समेत अनेक रचनाएं लिखी।उनके निधन से क्षेत्र को अपूरणीय क्षति हुई है।स्व शर्मा उर्फ मुखियाजी के निधन पर सामाजिक कार्यकर्ता प्रभात कुमार,कृष्णमोहन सिंह,राजेश कुमार,सियाराम कुमार,समाजवादी नेता शिवबालक सिंह सहित अनेक लोगों ने गहरा दुख प्रकट किया है।

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AJIT KUMAR

अजित कुमार: आप पेशे से पत्रकार है। आप इलेक्ट्रोनिक और प्रिंट मीडिया में बड़हिया प्रखंड के लिए सेवा दे रहे है। बड़हिया में विकास को लेकर आप हर संभव प्रयास कर रहे है। बड़हिया के लिए अपना पूरा समय और सहयोग देते है। हर तरह से लोगों का उत्साह वर्धन भी करते है।

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